IND vs SA: पहले धज्जियां उड़ाईं फिर बोले क्लासेन, मुझे चहल की गेंदबाजी काफी पसंद है

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सेंचुरियन: युजवेंद्र चहल की गेंदबाजी की धज्जियां उड़ाने दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन ने कहा कि भले ही उनके अन्य साथी इस लेग स्पिनर को पढ़ने में नाकाम रहे हों लेकिन उन्हें उनका सामना करना काफी पसंद है. क्लासेन ने बुधवार (21 फरवरी) को रात 30 गेंदों पर 69 रन बनाये जिससे दक्षिण अफ्रीका ने दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय में छह विकेट से जीत दर्ज की. वांडरर्स की तरह क्लासेन ने चहल के खिलाफ आक्रामक तेवर दिखाये. पारी के 13वें ओवर में उन्होंने इस लेग स्पिनर पर 23 रन बटोरे. चहल और कुलदीप यादव की स्पिन जोड़ी दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों के खिलाफ काफी सफल रही लेकिन क्लासेन ने उन्हें आसानी से खेला.

चहल ने चार ओवर में 64 रन दिए और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला. छब्बीस वर्षीय क्लासेन ने कहा कि उन्हें लेग स्पिनर के खिलाफ खेलना पसंद है. उन्होंने चहल के बारे में कहा, ‘‘मुझे उसका (चहल) सामना करना काफी पसंद है. विशेषकर जब मैं एमेच्योर क्रिकेट में था तब दो उपयोगी लेग स्पिनर हुआ करते थे. मैंने टाइटन्स (क्लासेन की घरेलू टीम) की तरफ से शान वान बर्ग का भी काफी सामना किया. ’’

क्लासेन ने कहा, ‘‘हम हमेशा मजाक करते थे कि मुझे अन्य लेग स्पिनर का करियर बर्बाद करना चाहिए ताकि वह आगे बढ़ सके. कई बार ऐसा हो जाता था. आप जहां शॉट मारना चाहते हो वहां गेंद को हिट करके अच्छा लगता है. कल रात ऐसा हुआ.’’ क्लासेन ने कहा कि चहल पर आक्रमण करना रणनीति का हिस्सा नहीं था.उन्होंने कहा, ‘‘यह रणनीति का हिस्सा नहीं था. लेकिन जिस तरह से उनके तेज गेंदबाजों ने गेंदबाजी की तो मैंने लेग स्पिनर के खिलाफ अपने मौके बनाये क्योंकि उसके खिलाफ मेरे पास अधिक विकल्प थे.’’

IND vs SA: आक्रामक बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन बोले, डुमिनी ने मेरे अंदर के डर को निकाल दिया

वहीं दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका के आक्रामक बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन ने भारत के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान अपने अंदर का भय मिटाने के लिए जेपी डुमिनी को श्रेय दिया और कहा कि उनकी मैच विजेता पारी में कप्तान की भूमिका अहम रही. क्लासेन ने 30 गेंदों पर 69 रन बनाए जिससे दक्षिण अफ्रीका ने छह विकेट से जीत दर्ज करके तीन मैचों की श्रृंखला 1-1 से बराबर की. उन्होंने डुमिनी के साथ तीसरे विकेट के लिये 97 रन की साझेदारी की.

क्लासेन ने कहा, ‘मेरी पारी में डुमिनी की भूमिका अहम रही. मैंने जो पहला या दूसरा ओवर खेला तो उसने मुझसे कहा कि इस ओवर में दस रन बनने चाहिए. उसने कहा कि अपनी नैसर्गिक क्रिकेट खेलूं और गेंदबाजों पर हावी होकर बल्लेबाजी करूं. सौभाग्य से आज यह रणनीति चल गयी.’ उन्होंने कहा, ‘जिस तरह से जेपी ने मुझसे कहा कि इस ओवर में 20 रन बनने चाहिए, उससे मेरे अंदर का डर बाहर निकल गया. इसके अलावा चित शांत रखना भी जरूरी था. एक समय ऐसा था जब मैं अच्छे शॉट लगा रहा था.’

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