सोनभद्र: अपाहिज शिवा को ‘पैर’ देकर चमके इंस्पेक्टर भरत भूषण, यूपी पुलिस ने ठोका सलाम

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इंस्पेक्टर भरत ने एक गरीब बच्चे को कृतिम पैर लगवाया और कभी दोनों पैरों से अपाहिज यह बच्चा आज दौड़ रहा है। बात उन दिनों की है जब इंस्पेक्टर भरत भूषण जिले के शक्तिनगर थाना में बतौर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर भरत भूषण तिवारी अपनी ड्यूटी पर थे अचानक उनकी निगाह एक दोनों पैरों से अपाहिज एक बच्चे पर पड़ती है। वह बच्चा एक-दो पुरानी किताबें और कांपियां लेकर प्लास्टिक की शीट पर बैठकर पढ़ाई कर रहा था। इंस्पेक्टर तिवारी तुरंत अपने वाहन को रोककर उस बच्चे के पास जाते हैं और बच्चे से बात करने लगते हैं ।बच्चे से बात करने के क्रम में इंस्पेक्टर तिवारी को सारी बात समझ में आ जाती है। बच्चे का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है और वह उसकी पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठा पाने में सक्षम नहीं है। बच्चे की पढ़ाई के प्रति रुचि को देखकर भारत भूषण तिवारी ने उसके शिक्षा की जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली।
पर बच्चा कैसे जाता स्कूल:
पढ़ाई का खर्च उठाने की जिम्मेदारी तो इंस्पेक्टर तिवारी ने अपने कंधों पर ले ली लेकिन अब वह बच्चा स्कूल कैसे जाता? क्योंकि उसके पास तो पैर ही नहीं थे। वह बचपन में ही एक हादसे में अपना पैर गंवा बैठा था। इसका भी तोड़ तिवारी ने निकाला और उसको कृतिम पैर लगवाया। आज वह बच्चा अपने पैरों पर दौड़ रहा है और अच्छे स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहा है।
इंस्पेक्टर तिवारी जैसे पुलिस अधिकारियों की इस देश में बहुत जरूरत है। ऐसे अधिकारी सिर्फ अपनी ‘खाकी’ के लिए ही ड्यूटी नहीं करते बल्कि लोगों की हर उस समस्या से भी लड़ते हैं जो लोगों के रास्ते में रोड़ा बनकर खड़ी रहती है, जैसे यहां किशोर शिवा विश्वकर्मा के सामने मुसीबत पहाड़ के सामान खड़ी थी लेकिन इंस्पेक्टर तिवारी के एक कदम से वह राई बन गई। इंस्पेक्टर तिवारी के इस काम को सूबे के पुलिस महकमें ने तारीफ की है। यूपी पुलिस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर उनके इस काम को ‘पिन’ (सबसे) ऊपर रखा है।
फिलहाल इंस्पेक्टर तिवारी का तबादला शक्तिनगर से किया जा चुका है और वह इस समय जिले के रॉबर्ट्सगंज थाने के थानाध्यक्ष हैं। तिवारी का ट्रांसफर कही भी हो लेकिन वह कभी अपाहिज रहे किशोर शिवा के ‘भगवान’ बने रहेंगे।

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