सुभाष चंद्र बोस के पड़पोते का दावा- ‘प्लेन क्रैश में ही हुई थी नेताजी की मौत’

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भारत की स्वतंत्रता के लिए ‘आज़ाद हिंद फ़ौज’ का नेतृत्व करने वाले ‘नेताजी’ यानी सुभाष चंद्र बोस की मौत अभी भी रहस्य बनी हुई है. ‘नेताजी’ के कुछ समकालीन राजनीतिज्ञों और बुद्धिजीवी उनकी मौत को लेकर अलग-अलग दावे करते रहे हैं. वहीं, ‘नेताजी’ के पड़पोते आशीष रे ने अपनी नई किताब ‘Laid To Rest’ में अपने दादा की मौत को लेकर कोई संदेह नहीं होने की बात कही है. आशीष रे ने दावा किया है कि ‘नेताजी’ की मौत जापान के टोक्यो में एक प्लेन क्रैश में ही हुई थी.

‘न्यूज़18’ से खास बातचीत में आशीष रे ने सुभाष चंद्र बोस पर लिखी अपनी नई किताब के बारे में कई बातें की. ‘नेताजी’ की मौत को लेकर उन्होंने कहा, “टोकियो के रेणकोजी मंदिर में बोस की कुछ निशानियां संरक्षित हैं.”

आशीष रे के मुताबिक, “1995 में तमाम रिचर्स के बाद वो इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं.” उन्होंने बताया, “नेताजी की मौत को लेकर हुए 11 जांचों में भी यही निष्कर्ष निकला है. इसमें कोई संदेह नहीं है कि सुभाष चंद्र बोस की मौत टोक्यो के टाइहोकू में 18 अगस्त 1945 में हुई थी.”
आशीष रे ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू और शरत चंद्र बोस (नेताजी के भाई) के बीच तनाव बढ़ने के बाद 1946 में शरत चंद्र बोस ने अंतरिम मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया था. 1950 में शरत चंद्र बोस की असामयिक मौत हो गई.

हालांकि, अपनी किताब में आशीष रे ने पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव की तारीफ की है. उन्होंने कहा, “उन्होंने वो सब किया, जो उस परिस्थिति में कर सकते थे. कम से कम उन्होंने बोस की स्मृतियों को भारत वापस लाने की कोशिश तो की थी. उनके बाद किसी भारतीय पीएम ने ऐसा नहीं किया.”

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