वाराणसी: 3 महीने पहले ही प्रोजेक्ट मैनेजर ने कहा था, किसी वक्त हो सकता है हादसा

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वाराणसी: फ्लाईओवर हादसे में 15 लोगों की जान चली गई. 25 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. चार अधिकारियों को संस्पेंड किया जा चुका है. सेतु निगम और फ्लाईओवर निर्माण कराने वाली संस्था के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या की FIR दर्ज की गई है. इसके अलावा चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर के साथ-साथ चार अधिकारियों को सस्पेंड किया जा चुका है. पहली नजर में यह लापरवाही का मामला दिख रहा है. सभी का कहना है कि अगर सेतु निगम के अधिकारी सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते तो इतना दर्दनाक हादसा नहीं होता. लेकिन, वाराणसी हादसे को लेकर Zee News के पास कुछ Exclusive चिट्ठियां हैं जो लापरवाही के अलावा सेतु निगम और वाराणसी पुलिस के बीच समन्वय की कमी को उजागर कर रही हैं. अगर समय रहते तमाम शिकायतों पर गौर किया जाता तो यह हादसा नहीं होता., वहीं प्रोजेक्ट मैनेजर ने तीन महीने पहले खुद पर मामला दर्ज होने के बाद चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर को जो चिट्ठी लिखी थी, उस पर ध्यान दिया जाता, तो हाल यह नहीं होता. जानिए सिलसिलेवार क्या क्या हुआ था…

19 फरवरी 2018 को प्रोजेक्ट मैनेजर के खिलाफ मामला दर्ज
19 फरवरी 2018 को वाराणसी यातायात पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर फ्लाईओवर के प्रोजेक्ट मैनेजर केआर सूदन पर धारा 268, 283, 290, 341 के तहत वाराणसी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था. वाराणसी पुलिस की FIR में लिखा गया है, ‘लहरतारा चौकाघाट फ्लाईओवर का निर्माण कार्य प्रगति पर है और इस पुल के आयरन प्रोटेक्शन वॉल को काफी बढ़ाकर रखा गया है. मिट्टी का अत्यधिक कार्य होने के नाते लगातार धूल उड़ती रहती है, जिसके कारण ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी और आवागमन करने वाले व्यक्तियों को भारी असुविधा हो रही है.’ वाराणसी के SSP ने प्रोजेक्ट मैनेजर केआर सूदन को कई पत्र लिखे और सुगम यातायात संचालन के लिए बार-बार निर्देश दिए. लेकिन, ट्रैफिक मैनेजमेंट और सेतु निगम के अधिकारियों के बीच आपसी तालमेल की कमी दिख रही थी. बाद में पुलिस ने ट्रैफिक में कठिनाइयों को आधार बनाते हुए प्रोजेक्ट मैनेजर केआर सूदन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया.

20 फरवरी को चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर को लिखी थी चिट्ठी
20 फरवरी 2018 को प्रोजेक्ट मैनेजर केआर सूदन ने सेतु निगम के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर एचसी तिवारी को चिट्ठी लिखी. प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि फ्लाईओवर निर्माण के चलते ट्रैफिक को आसान बनाने के लिए क्या-क्या कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने यह भी लिखा कि ट्रैफिक पुलिस डिपार्टमेंट से उन्हें सहयोग नहीं मिल रहा है और ट्रैफिक पुलिस ने सेतु निगम के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है. विपरीत परिस्थितियों में मेरे लिए काम करना मुश्किल हो रहा है. इतने मानसिक दबाव में मैं काम करने में सक्षम नहीं हूं, क्योंकि इससे कार्यस्थल पर कोई अप्रिय घटना घट सकती है. बेहतर होगा कि इस प्रोजेक्ट से मुझे ट्रांसफर कर दिया जाए.’

21 फरवरी को पुलिस अधीक्षक से की थी मुलाकात
21 फरवरी 2018 को फ्लाईओवर प्रोजेक्ट मैनेजर केआर सूदन ने वाराणसी पुलिस अघीक्षक, यातायात को पत्र लिखा और डीएम वाराणसी को भेजी प्रतिलिपि में कहा कि फ्लाईओवर के पिलर संख्या 42 से 65 के बीच फल फ्रूट, चाट पकौड़ी और अन्य खाने-पीने के सामान के ठेले लगे रहते हैं और पब्लिक इन ठेलों पर आती जाती रहती है, जिसके कारण भीड़ बनी रहती है. इन स्थानों पर जेनरेटर की केबल, पानी के पंप और अन्य इलेक्ट्रिक मशीनें कार्यरत रहते हैं. इनकी वजह से किसी भी वक्त कोई अप्रिय घटना घट सकती है, इसलिए इन जगहों पर लोगों की आवाजाही को रुकवाएं.

चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर से कहा, इस हालात में मैं काम नहीं कर सकता
21 फरवरी 2018 को ही प्रोजेक्ट मैनेजर केआर सूदन ने चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर को पत्र लिखा, ‘मैं SSP वाराणसी से मिला और स्पष्ट किया कि जिस मामले में मेरे खिलाफ FIR दर्ज की गई है उसमें मेरी कोई कमी नहीं है. इसके बावजूद SSP ने बात सुनने के बाद FIR को खत्म करने का कोई विचार नहीं किया. उक्त घटनाचक्र से मैं काफी आहत और मानसिक दबाव महसूस कर रहा हूं. वर्तमान में निर्माण कार्य में रूचि ना लेकर मैं प्रकरण के समाधान हेतु कार्यवाही में व्यस्त हूं. कृपया मेरे मामले को बंद कराने की कृपा करें, अन्यथा इस प्रकार की विषम परिस्थितियों में बाकी काम को उसी लगन से कराया जाना संभव नहीं होगा.’

अब इन सब लापरवाहियों का परिणाम सबके सामने है.

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