लड़कियों के कुंवारेपन के जांचने का सबसे आसान तरीका, सदियों से अब तक कारगर।

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हेल्थ डेस्क : कोई लड़की वर्जिन है या नहीं इसका दो ही तरीके से पता चल सकता है या तो वो प्रेग्नेंट हो चुकी हो या फिर खुद स्वीकार कर ले। एक सेफ हाइमन कभी भी वर्जिनिटी का सबूत नहीं हो सकता है। पुराने जमाने से ही महिलाओं की कौमार्य काफी कीमती चीज मानी जाती है। अगर हम दुनिया भर के अब तक के इतिहास पर नजर डालें तो पता चलेगा कि कौमार्य को मूल्यों और संस्कारों से जोड़ कर देखा जाता रहा है। खास तौर पर महिलाओं की कौमार्य पर ज्यादा जोर दिया जाता है। लेकिन, अब ये मान्यता धीरे-धीरे टूट रही है। अब शादी से पहले संबंध बनाना कोई वर्जित विषय नहीं रहा।

कोई लड़की वर्जिन है या नहीं इसका दो ही तरीके से पता चल सकता है या तो वो प्रेग्नेंट हो चुकी हो या फिर खुद स्वीकार कर ले। एक सेफ हाइमन कभी भी वर्जिनिटी का सबूत नहीं हो सकता है। महिलाओं के प्राइवेट पार्ट में मौजूद हाइमन के रप्चर होने से ब्लीडिंग होना कौमार्य का सबूत नहीं है। बता दें, कुछ महिलाओं में तो हाइमन जन्म से ही नहीं होता है और कुछ में ये लेयर बेहद इलास्टिक होती है और संबंध बनाते समय भी रप्चर नहीं होती है।




इतना ही नहीं कुछ महिलाओं को इसके रप्चर होने के बारे में पता भी नहीं चलता है। हाइमन को संबंध बनाने के अलावा दूसरी जगह से भी नुकसान पहुँच सकता है। जैसे -डांसिंग, घुड़सवारी या टू-व्हीलर पर पाँव इधर-उधर करके बैठने से भी नुकसान पहुँचता है।

पुरानी पीढ़ी की मान्यताओं और शिकायतों से परे शादी से पहले संबंध बनाना आज की जरुरत बन चुका है। जो कपल्स रिलेशनशिप में रह रहे हैं वे संबंध बनाने को लेकर फ्री माइंडेड हैं। वे पाबन्दी और नैतिकता के बंधनो से आजाद हैं। वे अपनी मनमर्जी से सम्बन्ध बनाते हैं। उनके लिए ये जरुरी नहीं है कि रिलेशनशिप शादी में तब्दील हो जाए। जब भी शादी खास कर अरेंज मैरेज की बात आती है तो उनकी भौहें चढ़ जाती है। ऐसे में उनके लिए वर्जिनिटी काफी मायने रखती है। ऐसी सोच आज भी बहुत सी महिलाओं के लिए मुश्किलें पैदा कर देती है।




हमारे समाज में इस तरह के मानसिकता वाले लोगों की संख्या काफी ज्यादा हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ये सारी बातें हमारी संस्कृति और परंपरा में मजबूती से बनी हुई है। अगर आपके के मन में ये सवाल उठते है कि मैं अपनी गर्लफ्रेंड या फिर पत्नी की कौमार्य को कैसी पता लगाऊं। तो इसका जवाब साफ़ है कि इसका कोई रास्ता ही नहीं है। डॉक्टरों के मुताबिक़, कौमार्य कोई बड़ा मुद्दा नहीं है लेकिन मर्दों की पुरानी शिकायत है कि पहली रात में अगर उनकी पत्नी का ब्लीड नहीं हुआ तो वह वर्जिन नहीं है। ऐसा सभी के साथ हो ये जरुरी नहीं है, इसका मतलब ये नहीं हुआ कि वो वर्जिन नहीं है इसलिए ऐसा हुआ।

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