लेडी अफसर को मारकर मशीन से किए बॉडी के टुकड़े, पुलिसवाले ने ही किया था मर्डर प्लान

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करीब दो साल पहले ऑफिस से घर के लिए निकली मुंबई की महिला पुलिस इंस्पेक्टर अश्विनी बेंद्रे रहस्यमयी ढंग से गायब हो गई थीं. इस मामले में बड़ा खुलासा करते हुए गुरुवार को मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बताया कि जिस दिन वह लापता हुई थीं उसी दिन उनकी हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने बताया कि सीनियर इंस्पेक्टर अभय कुरुंदकर के इशारे पर अश्विनी की हत्या की गई. आरोपियों ने अश्विनी का शव लकड़ी काटने की मशीन में डालकर उसके टुकड़े-टुकड़े किये और फिर बोरी में भरकर वसई की खाई में फेंक दिया.

मामले का मुख्य आरोपी अभय कुरुंदकर मुंबई पुलिस में सीनियर इंस्पेक्टर भी है. उसने अपने ड्राइवर कुंदन भंडारी, राजू पाटिल और अपने बचपन के दोस्त महेश फलनिकर के साथ मिलकर पूरी घटना को अंजाम दिया. क्राइम ब्रांच ने चारों को गिरफ्तार कर लिया है.

पुलिस ने बताया कि कुंदन भंडारी और महेश फलनिकर ने पूछताछ में स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम को बताया है कि पूरी घटना को कैसे अंजाम दिया गया.

ये है पूरा मामला

असिस्टेंट इंस्पेक्टर अश्विनी बेंद्रे 11 अप्रैल 2016 को अचानक गायब हो गई थीं. उस दिन ऑफिस से निकलने से पहले अश्विनी ने पुलिस ऑफिसर अभय कुरंदकर से फोन पर बात की. इसके बाद वह मानवाधिकार ऑफिस से निकली और शाम को 6 बजकर 41 मिनट पर ट्रेन से ठाणे पहुंची. यहां वह अभय से मिली. इसके बाद अभय की वोक्सवैगन कार में बैठकर दोनों भायंदर के लिए रवाना हो गए. इसके बाद दोनों ने भायंदर के एक होटल में गए जहां दोनों रात 11 बजकर 18 मिनट तक साथ रहे. इसके बाद अचानक ही अश्विनी का फोन बंद हुआ और वह लापता हो गई.

पुलिस की गिरफ्त में आरोपीआरोपियों तक ऐसे पहुंची पुलिस
जांच में जुटे पुलिस अधिकारियों की मानें तो उन्हें मुख्य आरोपी अभय की मोबइल लोकेशन पर एक और सेलफोन एक्टिवेट मिला जिस पर उसकी लगातार बातचीत जारी थी. ये फोन नंबर अभय के 20 साल से ड्राइवर रहे  कुंदन भंडारी का था. इस मामले में कुंदन भंडारी से जब पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उस दिन पुणे से लौटते वक्त देर हो गई तो अभय के कहने पर वह होटल में ही सो गया और अगले दिन वहां से चला गया. हालांकि पुलिस ने जब होटल के रजिस्टर खंगाले तो उन्हें कुंदन भंडारी की कोई एंट्री नहीं मिली. स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम को यहीं से शक हुआ की अश्विनी के गायब होने में कुंदन का हाथ है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

कुंदन से पूछताछ में जांच टीम को अभय के बचपन के दोस्त महेश फलनिकर के बारे में पता चला. उसे गिरफ्तार कर जब उससे पूछताछ की गई तब पुलिस इंस्पेक्टर अश्विनी बेंद्रे की गुमशुदगी और हत्या का राज सामने आया कि किस तरह आरोपी पुलिस ऑफिसर के इशारे पर पहले अश्विनी की पहले हत्या की गई फिर लकड़ी काटने की मशीन में डालकर उसके टुकड़े किए गए और फिर बोरे में भरकर रात के अंधेरे में लाश को वसई में डाल दिया गया.

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