रीबा समाजसेवी परमेश्वर दुबे की गिरफ्तारी …लोकतंत्र की हत्या

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अमित कुमार मिश्रा
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हुआ कुठारा घात ,
विगत दस दिनों से शीला त्यागी विधायिका मनगवां के खिलाफ परमेश्वर दीन दुबे अनशन कर रहे थे ,
गांधीवादी नेता कहे जाने वाले परेमश्वर दुबे को दशहरा के दिन पुलिस ने गिरफ्तारी कर उप जेल मऊगंज भेज दिया गया ,
बताया जा रहा है कि ..परमेश्वर दुबे का जेल में भी अनशन जारी है ..
सूत्रों की माने तो बिना कुछ खाए पिए जेल के अंदर भी अनशन जारी है ,
वही उनके समर्थकों का कहना है कि जेल से बाहर आने के बाद विधायिका के तानाशाही के खिलाफ आमरण अनशन भी किया जाएगा ,
गौरतलब हो कि जलावर्धन योजना अंतर्गत p.h.e विभाग के स्टोर रूम में मनगवॉ विधायक शीला त्यागी द्वारा पार्टी कार्यालय हेतु अवैध कब्जा किया गया है , जिसके विरोध में परेमश्वर दीन द्वारा दस दिनों से अनशन जारी था , जिसे कुचलने के लिए कुछ सत्ताधारी दल और बसपा विधायक के साझा षड्यंत्र के तहत पुलिस प्रशासन से सांठ गांठ कर चार दिन की छुट्टी और त्योहार को मद्देनजर ही समाजसेवी परमेश्वर दुबे की 151 के तहत गिरफ्तारी कर रीवा जेल के वजाय मऊगंज उप जेल भेज मे ठूस दिया गया ,
समाजसेवी एवं बुजुर्ग को दशहरे के दिन बलपूर्वक 151 लगाकर जेल भेजने पर लोगो ने यह घोर निंदनीय बताया है , और नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों तथा पुलिस के साझा षड्यंत्र सोची समझी नीति का हिस्सा बताया गया है ,
जानकारी अनुसार …
पिछले कई सालों से परमेश्वर दुबे जनहित के मुद्दों पर शासन सत्ता और पुलिस प्रशासन के खिलाफ कई बार बड़े अनशन कर चुके हैं , जिसके चलते सत्ता और स्थानीय प्रशासन के आंखों की किरकिरी बन गए थे , प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी भी सच्चाई को जानते हैं के शासन के संपत्ति को कोई भी प्रतिनिध अवैधानिक तरीके से कब्जा नहीं कर सकता विधायिका के दबाव में अधिकारियों ने लोकतांत्रिक तरीके से अनशन पर बैठे समाजसेवी परमेश्वर दीन दुबे कोे जेल में ठूंस कर लोकतन्त्र की हत्या कर दी गई है।
इसके पूर्व भी विधायक शीला त्यागी के आवेदन पर हरिजन एक्ट जैसे गंभीर और संगीन अपराध अनशन कारियो के विरुद्ध दर्ज हुए है जिसकी जांच कार्यवाही जारी है।

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