राशन कार्ड बनाने के लिए लिखित में मांग रहे ‘क्यों गए थे पाकिस्तान’

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सिवनी (नईदुनिया)। यहां आकर मुझे ऐसा लग रहा है कि मानो मैं पाकिस्तान का नागरिक हूं और जबरन हिंदुस्तान की नागरिकता मांग रहा हूं। नगर परिषद में छोटे से काम के लिए दो दिन से परेशान किया जा रहा है। किसी भी प्रकार की मदद मिलना तो दूर उल्टा परेशान किया जा रहा है। यह बात पांच साल बाद पाकिस्तान जेल से रिहा होकर अपने घर मध्य प्रदेश के सिवनी स्थित बरघाट लौटे जितेंद्र अर्जुनवार ने कही। जब जितेंद्र के घर जाकर उसका हाल जानने का प्रयास किया तो उसने अपना दर्द खुलकर बयां किया।

एसपी से लिखवाकर लाओ, तभी जुड़ेगा नाम

जितेंद्र अर्जुनवार (32) ने बताया कि उसका नाम राशन कार्ड में दर्ज नहीं है। बुधवार को जब वह राशन कार्ड में अपना नाम जुड़वाने नगर परिषद पहुंचा तो राशन कार्ड का काम देखने वाला कर्मचारी नहीं मिला। गुरुवार को फिर वह नगर परिषद पहुंचा। यहां उससे कहा गया कि उसका नाम राशन कार्ड में नहीं जुड़ सकता। पहले एसपी से लिखवाकर लाओ। उससे लिखित में मांगा गया कि वह पाकिस्तान क्यों गया था। जितेंद्र ने बताया है कि वह अपना मतदाता परिचय पत्र और समग्र आइडी लेकर नगर परिषद पहुंचा था। इसके बावजूद राशन कार्ड में नाम जोड़ने के स्थान पर उससे अनर्गल बातें कही गईं।

जब जितेंद्र पीएम आवास योजना के लिए फॉर्म भरने नगर परिषद गया तो उसे यह कह दिया गया कि तुम्हारा पीएम आवास नहीं बन सकता है। इस बीच बरघाट के नगर परिषद अध्यक्ष रंजीत वासनिक ने कहा, ‘जितेंद्र और उसके परिवार की हरसंभव मदद कर रहे हैं। जब जितेंद्र बरघाट लौटा था तो उसे आर्थिक सहायता दी गई थी। यदि राशन कार्ड में नाम जुड़वाने में जितेंद्र को परेशान किया जा रहा है तो यह गलत है। कल ही जितेंद्र का नाम राशन कार्ड में जुड़वाने की कार्रवाई कराई जाएगी।’

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