ये है वेलेंटाइन डे का इतिहास, इस वजह से भारत में किया जाता है सेलिब्रेट

0
44

कहा जाता है कि प्रेम के लिए किसी एक खास दिन की जरूरत नहीं है। प्रेम तो हर दिन किया जाना चाहिए। इस दुनिया को खूबसूरत बनाने के लिए प्रेम की जरूरत है। वेलेंटाइन डे 14 फरवरी को दुनिया भर में सेलिब्रेट किया जाता है। वेलेंटाइन डे प्रेमी जोड़ों का दिन है। इस दिन प्रेमी जोड़े एक-दूसरे के साथ समय बिताते हैं और उन्हें अपने प्यार का एहसास दिलाते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर वेलेंटाइन डे सेलिब्रेट करने की परंपरा कब से शुरू हुई? इसका इतिहास क्या है? और साथ ही साथ भारत में इसे सेलिब्रेट क्यों किया जाता है? आज हम इन्हीं सब सवालों का जवाब ढूंढ रहे हैं।

वेलेंटाइन डे सेलिब्रेट किए जाने को लेकर ढेर सारी कहानियां प्रचलित हैं। इन्हीं एक कहानियों में से एक कहानी रोमन लोगों की एक देवी से जुड़ी हुई है। इसके मुताबिक रोम में सालों पहले जुनाओ फैब्रुआता नाम की देवी को लोग पूजते थे।जुनाओ फैब्रुआता देवी को पूजने के लिए फरवरी का महीना उचित माना जाता था। बताया जाता है कि रोमन लोग 14 फरवरी के दिन युवा जोड़ों को मिलाने के लिए एक आयोजन करते थे। इस आयोजन के तहत एक डिब्बे में कागज की पर्चियां डाल दी जाती थीं। कागज की इन पर्चियों पर युवा लड़िकयों का नाम लिखा होता था।
इसके बाद युवा लड़कों को बारी-बारी से इस डिब्बे से एक पर्ची निकालने के लिए बुलाया जाता था। लड़के को द्वारा निकाली गई पर्ची पर जिस लड़की का नाम लिखा होता था उसे उस लड़के की प्रेमिका मान लिया जाता था। इसके बाद इन दोनों युवा जोड़ों को एक साल तक साथ रहने की अनिवार्यता होती थी। रोम में युवा जोड़ों को मिलाने का यह आयोजन काफी लंबे समय तक चलता रहा। इस प्रकार से आग चलकर 14 फरवरी को प्रेम का दिन मान लिया गया और इसे वेलेंटाइन डे के रूप में सेलिब्रेट किया जाने लगा। धारे-धीरे वेलेंटाइन डे सेलिब्रेट करने की परंपरा दुनिया भर में फैल गई और भारत के युवा जोड़ों ने भी इसे मनाना शुरू कर दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here