बुराड़ी: बेटी के ‘मांगलिक दोष’ से परेशान था भाटिया परिवार, दिन में तीन बार करते थे विशेष पूजा

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नई दिल्ली (राजू राज) : 5 दिन पहले दिल्ली के बुराड़ी इलाके में एक घर में 11 शव मिलने के बाद यह आत्यहत्या या है हत्या इसकी गुत्थी अब तक नहीं सुलझी है. दिल्ली समेत पूरे देश की निगाहें इस हत्याकांड की गुत्थी के सुलझने पर टिकी हुई है. मामले की छानबीन करने और हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए एक बार फिर क्राइम ब्रांच की टीम ने घर और छोटे बेटे ललित की दुकान की तलाशी ली है. तलाशी के बाद पुलिस को एक और अहम सुराग हाथ लगा है.

दिन में तीन बार पूजा करवाता था ललित-क्राइम ब्रांच
शुरुआती जांच में पता चला था कि ललित के पिता उसने सपनों में आते थे और पूरा परिवार उसकी बात को मानता था. अब क्राइम ब्रांच को पता चला है कि ललित एक विशेष समय में परिवार के सभी सदस्यों के साथ दिन में तीन बार पूजा करवाता था. इस पूजा घर में सुबह 8 बजे होती थी, फिर दोपहर में 12 बजे, और फिर रात में 10 होती थी और परिवार के सभी सदस्य इसमें हिस्सा लेते थे.

बहन की शादी के लिए परेशान था ललित?
क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट के मुताबिक ललित की बहन प्रियंका मागंलिक थी. प्रियंका के मांगलिक दोषों को दूर करने के लिए ललित दिन में तीन बार विशेष पूजा करवाता था. पूजा के दौरान ललित का दावा था कि उसके पिताजी भी वहां पर मौजूद थे. पूजा के प्रति परिवार के अन्य सदस्यों की आस्था इसलिए भी बढ़ गई थी, क्योंकि इसके कुछ दिनों बाद ही प्रियंका का रिश्ता तय हो गया. प्रियंका का रिश्ता तय होने के बाद परिवार के सभी सदस्य काफी खुश थे और ललित के प्रति उनका विश्वास और भी प्रगाढ हो गया.

बेटे की आवाज वापस आने से बढ़ी आस्था
बुराड़ी घर में जहां मौत हुई थी वहां के पड़ोसियों का कहना है कि इस घर का सबसे छोटा जो बेटा था उसे प्लाई से गले में चोट लग जाने के चलते उसकी आवाज चली गई थी. इसके बाद उसने आसाराम से संपर्क किया. इसके कुछ दिन बाद उसकी आवाज आ गई. तब से इन लोगों का आस्था में विश्वास बढ़ गया. लोगों ने कहा कि यह मामला धार्मिक एंगल का नहीं हो सकता है और हत्या के बाद इसे आत्महत्या देने की कोशिश की गई है.

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पुलिस को हाथ लगे 20 रजिस्टर
क्राइम ब्रांच के सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक, घर और दुकान की तलाशी के दौरान पुलिस को कुल 20 रजिस्टर हाथ लगे हैं. अधिकारियों का कहना है कि पिता की मौत के बाद ही ललित ने रजिस्टर लिखना शुरू किया था. परिवारवालों का मानना था कि ललित के पिता सपने में आते हैं और जो कुछ भी कहते हैं, ललित उनको इस रजिस्टर में लिखता था.

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