फिर आ सकता है 4 राज्यों में तूफान, जारी हुआ अलर्ट

0
50

नई दिल्ली। पिछले दिनों यूपी, राजस्थान, बिहर व पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में आए भीषण तूफान ने भारी तबाही मचाई थी और इसमें 132 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद अब मौसम विभाग ने फिर से 4 राज्यों में तूफान का अलर्ट जारी किया है। इनमें यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल व ओडिशा सामिल हैं। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उत्तराखंड, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर समेत उत्तर पश्चिमी राज्यों में छिटपुट आंधी तूफान की आशंका जताई है। विभाग के अनुसार 5 से 7 मई के बीच इन राज्यों में एक बार फिर भीषण तूफान आ सकता है।

पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती तूफान के कारण देश के उत्तरी-पश्चिमी राज्यों में बुधवार को धूल भरी तेज हवाओं और गरज के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि ने कहर बरपाया है। मौसम के इस बिगड़ैल मिजाज के अगले तीन-चार दिनों तक बने रहने की आशंका है।

भारतीय मौसम विभाग के पूर्व महानिदेशक लक्ष्मण सिंह राठौर ने बताया, “गंगा के मैदानी क्षेत्र, बंगाल, बिहार, झारखंड और समूचे छोटा नागपुर वाले इलाके में जेठ माह की गर्मी में आने वाले ऐसे तूफान को “काल बैशाखी” के नाम से जाना जाता है। यह एक तरह की पूर्व चेतावनी है।” इस मौसम में अलग-अलग जगहों पर तेज हवाएं बादलों के रूप में जमीन से टकराएंगी और स्थानीय स्तर पर कहर बरपा कर आगे बढ़ जाएंगी। हर पॉकेट में नए बादल बनकर जमीन से टकराकर खतरनाक तूफान में तब्दील हो जाते हैं। इसके दायरे में उत्तरी पश्चिमी क्षेत्र और पूर्वी भारत के राज्य आते हैं।

तीन-चार दिन रहेगा असर

-उप्र के पूर्वांचल, तराई और मध्य उत्तर प्रदेश के जिलों में अगले तीन-चार दिनों तक चक्रवाती तूफान की आशंका।

-राजस्थान में धूल भरी आंधी के साथ बारिश होगी।

-मैदानी क्षेत्रों में ओलावृष्टि के साथ बारिश और तेज हवा के आसार।

इसलिए बिगड़ा मौसम

-उत्तरी पाकिस्तान और राजस्थान में तापमान बहुत बढ़ जाने से गरम हवाएं ऊपर की ओर उठ रही हैं। इससे वहां कम दबाव का क्षेत्र बनने लगा है। -भूमध्य सागर और अरब सागर की पछुआ हवाओं से इस कम दबाव वाले क्षेत्रों को नमी मिलने से बादल और चक्रवाती तूफान बन रहा है। -कभी-कभी यह बहुत ताकतवर हो जाता है। इन बादलों के जमीन पर टकराने से राजस्थान में धूल और हलकी वस्तुएं हवा के साथ ऊपर उठकर घातक तूफान में तब्दील हो जाती हैं।

दायरा 250 किमी रहा

आंधी-तूफान का दायरा 250 वर्ग किमी तक रहा है। नमी वाली हवा बादल के रूप में वहां से आगे बढ़ती हुई प्रत्येक 50 से 60 किमी दूरी पर कहर बरपाती रही।

132 की जान लेकर थमी आंधी, उप्र में सर्वाधिक 73 तो राजस्थान में 38 मौतें

मई की भीषण गर्मी के बीच अचानक आए आंधी-तूफान ने कई राज्यों में कहर बरपाया। बुधवार शाम से रात तक हुई इस तबाही का सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश और राजस्थान में हुआ है। इसके कारण हादसों में कुल 132 लोगों की मौत हो गई। उप्र में सर्वाधिक 73 तो राजस्थान में 38 मौतें हुईं। बंगाल व कुछ अन्य राज्यों में भी आंधी से जानमाल की भारी हानि हुई। आंध्र में 18 व ओडिशा में तीन लोगों की मौत हुई है। हवा की रफ्तार 120 तकधौलपुर से मिली खबर के अनुसार आंधी का विनाशकारी दौर करीब 45 मिनट चला।

इस दौरान हवा की अधिकतम रफ्तार 120 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई। उससे हुई तबाही का खुलासा गुरुवार सुबह हो पाया। क्षेत्र के लोगों के अनुसार ऐसी आंधी पहले कभी नहीं देखा। हवा की गति इतनी तेज थी कि हाईवे पर चल रहे कई वाहन पलट गए, दुपहिया वाहन उछल गए। जो जहां था, वहीं ठहरने को मजबूर हो गया।

राजस्थान में यहां तबाही

-तीन जिलों-अलवर, भरतपुर, धौलपुर जिलों में आंधी ने कहर ढा दिया। यहां 38 लोगों की मौत हो गई और 205 लोग घायल हो गए। उप्र में यहां नुकसानआगरा के अलावा बिजनौर, बरेली, सहारनपुर, पीलीभीत, फिरोजाबाद, चित्रकूट, मुजफ्फरनगर, रायबरेली व उन्नाव।

कहां कितनी मौतें

भरतपुर 19

अलवर 9

धौलपुर 9

आगरा (उप्र) 43

केदारनाथ यात्रियों को रोका

बुधवार शाम को उत्तराखंड में यात्रियों को केदारनाथ और सोनप्रयाग में रोका गया। हाईवे पर पेड़ गिरे हैं। बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन की भी खबर है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here