पी चिदंबरम के बेटे कार्ति की आज कोर्ट में पेशी, इंद्राणी मुखर्जी के बयान से सवालों के घेरे में चिदंबरम

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नई दिल्ली: पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा. INX मीडिया मामले में सीबीआई ने कांग्रेस के दिग्गज नेता चिदंबरम के बेटे कार्ति को गिरफ्तार किया है. कोर्ट ने कार्ति को एक दिन की सीबीआई रिमांड में भेजा था. इसी मामले में कार्ति की कोर्ट में पेशी होनी है.

मीडिया के अवैध रास्ते से विदेशी फंड जुटाने के मामले में सीबीआई ने ये बड़ी कार्रवाई की है. कार्ति बीते बुधवार की सुबह जैसे ही लंदन से लौटे, चेन्नई एयरपोर्ट पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. उनपर आरोप है कि उन्होंने विदेशी फंड आने के बाद मीडिया को वित्त मंत्रालय से अनुमति दिलायी, जबकि FIPB (फॉरेन इनवेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड ) को विदेशी फंड मिलने के पहले मामले में अनुमति देनी थी.

बोर्ड ने पहले ये अनुमति महज 4.62 करोड़ रुपये के लिए दी थी. लेकिन आरोप है कि उसके बावजूद 2007 में 305 करोड रुपये गैरकानूनी तरीके से आए. मॉरीशस के निवेशकों का पैसा आने के बाद पीटर मुखर्जी ने कार्ति चिदंबरम से संपर्क किया. जिसके बाद वित्त मंत्रालय की ओर से अनुमति मिल गई.

सूत्रों के मुताबिक कार्ति की गिरफ्तारी की पटकथा इद्राणी मुखर्जी से पूछताछ के बाद लिखी गई. इंद्राणी ने पूछताछ के दौरान बताया था कि कार्ति ने अनुमति दिलाने के बदले रिश्वत की मांग की थी. जांच एजेंसियो के मुताबिक ये पैसा कार्ति से जुड़ी कंपनियो के पास भेजा गया था. दावा किया जा रहा है कि इसमें से पांच करोड़ रुपये का पता लग चुका है.

सीबीआई का दावा है कि उनके पास इस मामले में अहम सबूत हैं, वहीं कांग्रेस का कहना है कि सीबीआई एक भी सबूत पेश नहीं कर पाई है. कांग्रेस ने कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी को को बदले की राजनीति बताया है. इस मामले में कार्ति चिदंबरम के अलावा इंदाणी मुखर्जी और पीटर मुखर्जी भी आरोपी हैं.

2017 में 15 मई को सीबीआई ने FIR दर्ज की थी. ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया था. मामले के याचिकाकर्ता सुब्रमण्यम स्वामी सीधे तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम को कठघरे में खड़ा करने की मांग कर रहे हैं. सीबीआई सूत्रो के मुताबिक जांच की आंच पूर्व वित्त मंत्री पी चिदबंरम तक भी पहुंच सकती है क्योंकि विदेश से आने वाले फंड पर उन्होंने भी अनुमति दी थी.

कार्ति से पूछताछ के आधार पर वित्त मंत्रालय के कुछ पूर्व और वर्तमान बड़े अधिकारियों से पूछताछ हो सकती है जिसके बाद और गिरफ्तारियां की जा सकती हैं.

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