‘पकौड़ा राजनीति’ पर बवाल, यूथ कांग्रेस ने विरोध में खोला ‘शिक्षित बेरोजगार पकौड़ा सेंटर’

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रायपुर (एएनआई)। देश की हालिया राजनीति में ‘पकौड़े’ ने एक अहम स्थान ले लिया है। पिछले कुछ समय से भाजपा और विपक्ष पार्टियों के बीच जिस तरह से बयानबाजी हो रही है उसमें पकौड़े का भी अहम रोल है। दरअसल कल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने राज्यसभा में अपना पहला भाषण दिया। यहां उन्होंने भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। देश में ज्वलंत मुद्दा बेरोजगारी पर भी अमित शाह ने बोला। इस दौरान अमित शाह ने कहा कि “बेरोजगारी से अच्छा है कि पकौड़े बेचना, परिश्रम से पैसे कमाना…”
बस फिर क्या था। भाजपा अध्यक्ष के इस बयान ने तूल पकड़ ली और अब विपक्षी पार्टी इसे लेकर हंगामा कर रही है। बताया जा रहा है कि यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में भाजपा के विरोध में पकौड़ा प्रदर्शन आयोजित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में शिक्षित बेरोजगार पकोड़ा सेंटर खोल कर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान उन्होंने बैनर भी लगाए जिसमें लिखा था हर साल 2 करोड़ की नौकरियां भजिया बेचने को मजबूर..मौके पर पार्टी के कुछ नेताओं ने पकौड़े भी बनाकर अपना विरोध दर्शाया।

बता दें कि इससे पहले भी कल समाजवादी पार्टी ने रामपुर में पकौड़ा प्रदर्शन आयोजित किया था। खास बात ये रही कि यहां सपा नेता आजम खान भी मौजूद रहे थे। इस मौके पर भी पार्टी नेताओं ने पकौड़े तलकर अपना विरोध दर्ज कराया।

शाह ने कहा था-

राज्यसभा के अपने भाषण में अमित शाह ने कहा था- ‘हां मैं मानता हूं कि भीख मांगने से तो अच्छा है कि कोई मजदूरी कर रहा है, उसकी दूसरी पीढ़ी आगे आएगी तो उद्योगपति बनेगी। बेरोजगारी से अच्छा है पकौड़े बेचकर पैसे कमाना। परिश्रम से पैसे कमाना। आज एक चायवाले का बेटा देश का प्रधानमंत्री है। स्किल इंडिया, स्टार्टअप, स्टैंडअप और मुद्रा योजना के तहत युवाओं के रोजगार के लिए काम कर रहे हैं। इंदिरा गांधी जी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया।’
बता दें कि, राज्यसभा में सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपना डेब्यू भाषण दिया। अपने भाषण की शुरूआत करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हमारी सरकार को विरासत में बहुत बड़ा गड्डा मिला था और सरकार का ज्यादातर समय इन गड्डों को भरने में लग गया।

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