‘न घर के रहे न घाट के’, मोदी की वजह से ये हारे, अब इनकी वजह से ‘मोदी’ हारेंगे !

0
8

‘न घर के रहे न घाट के’, मोदी की वजह से ये हारे, अब इनकी वजह से ‘मोदी’ हारेंगे !

मध्यप्रदेश में कांग्रेस 15 वर्षों बाद सत्ता पर काबिज हुई। इसके अलावा राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस ने बीजेपी को पटखनी दे दी। तीनों राज्यों के मुख्यमंत्री बीजेपी में एक बड़ा नाम हैं। राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे जहां दो बार राजस्थान की मुख्यमंत्री रहीं तो वहीं शिवराज और रमन सिंह लगातार 15 वर्षों से अपने अपने राज्यों के मुख्यमंत्री रहे हैं। एसे में तीनों राज्यों में बीजेपी की हार अपने आप में एक सवाल खड़ा करती हैं। इसको लेकर अब मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी के ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट कर तीनों राज्यों के सीएम पर तंज कसा है।

कांग्रेस ने ट्वीट किया है कि, ‘भाजपा के 3 राज्यों के हारे हुए मुख्‍यमंत्रियों के लिये केन्द्र में भी जगह नही: -न घर के रहे, न घाट के..? मोदी की वजह से ये हारे, और अब इनकी वजह से मोदी हारेंगे..! मोदी जिसे कड़वी दवा कह रहे थे, दरअसल वो जहरखुरानी थी…शुक्र है जनता की नींद खुल गई।’

दरअसल मध्यप्रदेश के साथ बाकि राज्यों में भी बीजेपी की हार के बाद कांग्रेस पार्टी लगातार केंद्रीय नेतृत्व पर निशाना साध रही है। तीन राज्यों में हार के बाद इन मुख्यमंत्रियों की केंद्र में जाने की चर्चा चली थी लेकिन सूत्रों से पता चला है कि फिलहाल शिवराज, वसुंधरा औऱ रमन सिंह को केन्द्र में नहीं बुलाया जा रहा है। हालांकि शिवराज सिंह खुद ही ये ऐलान कर चुके हैं कि वे लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने प्रदेश की ही राजनीति में इच्छा जताई है। प्रदेश में बीजेपी की हार के बाद शिवराज लगातार एक्टिव हैं और वे सुर्खियों में भी बने हुए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज के अलावा रमन सिंह व वसुंधरा राजे बीजेपी की हार के बाद से सुर्खियों में कम हैं। मध्यप्रदेश में चुनाव हारने के बाद शिवराज ने राज्य के कई हिस्सों में आभार यात्रा निकाली और उन्हें जनता का समर्थन भी मिला। लेकिन तीन राज्यों में बीजेपी की हार लोकसभा चुनाव में भारी पड़ सकती है। तीनों राज्यों की कुल 65 लोकसभा सीटों पर बीजेपी ने 2014 में कुल 62 सीटों पर जीत दर्ज की थी लेकिन ताजा आंकणे कुछ और ही तस्वीर बयां कर रहे हैं। विधानसभा चुनाव के हिसाब से देखा जाए तो बीजेपी को तीनों राज्यों में कम से कम 20 से 25 सीटों का नुकसान हो सकता है। जो कि पार्टी के लिए चिंता का विषय है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here