नेपाल भाग गया ‘9 बच्चों का हत्यारा’ मनोज बैठा, सुशील मोदी के साथ वायरल हो रही फोटो

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पटना. बिहार के मुजफ्फरपुर में शनिवार को हुए सड़क हादसे में नया खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि 9 बच्चों की मौत का आरोपी मनोज बैठा बिहार छोड़कर नेपाल भाग गया है. बताया यह भी जा रहा है कि पुलिस टीम उनको गिरफ्तार करने के लिए नेपाल निकल चुकी है. आपको बता दें कि आरोपी की तलाश में मुजफ्फरपुर पुलिस की विशेष टीम सोमवार देर रात तक सीतामढ़ी के सोनबरसा इलाके में छापेमारी करती रही, जिसके बाद पता चला की वह नेपाल भाग गया है. गिरफ्तारी नहीं होने पर मीनापुर पुलिस उसके घर की कुर्की की भी तैयारी कर रही है.

तेजस्वी यादव ने साधा भाजपा पर निशाना
जिस गाड़ी से एक्सिडेंट हुआ उसका रजिस्ट्रेशन बीजेपी प्रदेश महामंत्री मनोज बैठा के नाम पर है, इस बात का खुलासा होने के बाद राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में तेजस्वी यादव ने पहले मृत बच्चों के परिजनों को सांत्वना दी उसके बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि शराब के नशे में नौ बच्चों को रौंद कर मौत के घाट उतार दिया गया कई बच्चे घायल हो गए लेकिन जिला प्रशासन अब तक आरोपी चालक को नहीं पकड़ सका है.वायरल हो रही सुशील मोदी के साथ तस्वीर
बिहार के उप मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सुशील मोदी के साथ मनोज बैठा की एक तस्वीर इंटरनेट पर वायरल हो रही है जिसे तेजस्वी यादव ने भी शेयर किया है. उन्होंने कहा, ‘बीजेपी के लोग शराब के नशे में चूर हैं. जिस गाड़ी से हादसा हुआ है वो भाजपा के महामंत्री की गाडी थी. भाजपा के लोग आरोपी को संरक्षण देकर मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि मुजफ्फरपुर में बच्चों को मौत की नींद सुलाने वाले बीजेपी के इस महामंत्री को उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी क्या नहीं जानते?
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि शनिवार को सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर हाइवे पर मीनापुर प्रखंड के धरमपुर के समीप भाजपा नेता की बोलेरो कार की चपेट में आने से एक साथ नौ मासूमों की मौत हो गई थी. वहीं करीब 24 बच्चे घायल हो गए. इनमें से एक घायल बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है. हादसे के बाद एसकेएमसीएच से लेकर धरमपुर तक लोगों का आक्रोश भड़क गया था. डीएम व एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया था. इसके बाद पीड़ित परिजनों को मुआवजे के रूप में चार-चार लाख रुपए देने की घोषणा की गई. हालांकि परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है और मुजफ्फरपुर में तनाव का माहौल बरकरार है.

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