नेतन्याहू ने इस्लामी कट्टरवाद को बताया खतरा, कहा- कमजोर नहीं टिकते

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इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का 6 दिवसीय भारतीय दौरा चल रहा है. मंगलवार को मोहब्बत की निशानी ताजमहल का दीदार करने के बाद शाम में राष्ट्रपति भवन में उन्होंने ‘रायसीना संवाद’ में हिस्सा लिया. इस दौरान इजरायली पीएम ने आतंकवाद पर कड़ा हमला बोला.

उन्होंने कहा कि इस्लामी कट्टरवाद और इससे संबंधित आतंकवादियों का खतरा अंतरराष्ट्रीय तानेबाने को प्रभावित कर सकता है तथा इस चुनौती से निपटने के लिए भारत एवं इस्राइल के बीच अधिक मजबूत संबंधों की जरूरत है.

‘रायसीना संवाद’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने भारत को इजरायल का ‘स्वाभाविक मित्र एवं साझेदार’ करार दिया. उनके इस कथन पर दर्शक दीर्घा में बैठे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुस्कराए.

नेतन्याहू ने कहा, ‘‘नवोन्मेष के लिए किए जा रहे प्रयास को इस्लामी कट्टरवाद और इससे संबंधित आतंकवादी चुनौती दे रहे हैं. ये अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को अशांत कर सकते हैं.’’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक मजबूत राष्ट्र के तौर पर उभरने के लिए आर्थिक, सैन्य और राजनीतिक ताकत विकसित करने की जरूरत है.

नेतन्याहू ने भारत में लाल फीताशाही पर अंकुश लगाने और कारोबार सुगमता के लिए उठाए कदमों को लेकर मोदी सरकार की तारीफ की. भारत के छह दिनों के दौरे पर आए नेतन्याहू ने कहा कि एक सरकार आर्थिक प्रगति को सुगम बनाना और बाधित करना दोनों काम कर सकती है, अगर कारोबारी इकाइयों के जरिए नवोन्मेष में मददगार मुक्त बाजार उपलब्ध है तो प्रगति संभव है.

उन्होंने कहा, ‘‘कमजोर नहीं टिकते, मजबूत टिकते हैं…आप मजबूत के साथ गठजोड़ करिए. ’’ इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की रक्षा के लिए एक मजबूत सेना की जरूरत होती है और इसके लिए बहुत सारे पैसे की जरूरत है. यह पैसा मजबूत अर्थव्यवस्था से आता है. नेतन्याहू ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतांत्रिक देशों के बीच गठजोड़ होना चाहिए.

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