चार दिन मोबाइल रखे रही पुलिस लेकिन नहीं देखा सुसाइड का वीडियो

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दिल्ली के मुखर्जी नगर में एसएससी की तैयारी कर रहे प्रतीक ने 17 अप्रैल को फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. इससे पहले उसने अपनी खुदकुशी की वजह बताते हुए पूरी कहानी का तकरीबन 20 मिनट का वीडियो बनाया और फिर पंखे में फंदा डालकर झूल गया. परिजनों का आरोप है कि मुखर्जीनगर थाना पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया.

आत्महत्या की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने वहां से बरामद प्रतीक का मोबाइल को अपने पास रख लिया. 4 दिन बाद परिजनों को मोबाइल वापस कर दिया गया और जब मेरठ के रहने वाले परिजनों ने मोबाइल में खुदकुशी से पहले का वीडियो देखा तब पता चला कि प्रियंका और बबलू द्वारा ब्लैकमेल किए जाने का मामला था. प्रतीक के परिजनों का आरोप है कि 4 दिन पुलिस ने फोन रखकर खंगाला भी नहीं और जब उनसे इस बाबत बात की गई तो पुलिस ने शिकायत लेने के बजाय फटकार कर भगा दिया. दिल्ली के मुखर्जी नगर थाने के चक्कर लगाकर थक जाने के बाद पीड़ित परिवार ने मेरठ पुलिस को जानकारी दी.

मेरठ पुलिस द्वारा दिल्ली पुलिस को जानकारी दी गई जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने परिवार से मुलाकात की और फिर मोबाइल जब्त कर लिया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच चल रही है. दूसरी ओर मृतक प्रतीक के पिता राजकुमार ने आपबीती सुनाते हुए एक वीडियो न्यूज़ 18 को मुहैया करवाया. इस वीडियो में वह पुलिस द्वारा एफआईआर न करने पर और बेटे की खुदकुशी को लेकर आरोप लगा रहे हैं.

ये है ये है प्यार में मिले धोखे की कहानी
मेरठ का एक लड़का प्रतीक एसएससी की पढ़ाई करने के लिए दिल्ली आता है और पढ़-लिखकर कुछ बनने की हसरत रखता है. उसकी सारी हसरतें एक लड़की प्रियंका की वजह से अधूरी रह जाएंगी और उसे अपनी जान गंवाना पड़ जाएगी, यह प्रतीक उस वक्त सपने में सोच नहीं पाता जब प्रियंका को पहली बार दिल्ली में देखता है.

मेरठ के जानी क्षेत्र का रहने वाला प्रतीक दिल्ली में रहकर SSC की पढ़ाई कर रहा था. सब ठीक चल रहा था लेकिन प्रतीक की पढ़ाई में अचानक रुकावट आने लगी. इस रुकावट का कारण थी प्रियंका. प्रियंका उसी के गांव की रहने वाली थी और दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे. एक दिन अचानक प्रियंका दिल्ली पहुंच गई और प्रतीक से मुलाकात की. अजनबी शहर में दो पुराने दोस्त मिले तो दोस्ती का रंग बदलने लगा.

धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती और मिलना-जुलना प्यार में बदल गया और फिर बात शारीरिक संबंधों तक पहुंच गई. इन दोनों के रिश्तों की खबर बबलू को लग गई. बबलू को प्रियंका पहले से थोड़ा-बहुत जानती थी. बबलू ने शारीरिक संबंधों को लेकर दोनों को ब्लैकमेल किया. ब्लैकमेलिंग के दौरान प्रतीक ने प्रियंका की इज्जत बचाने की खातिर बबलू की हर शर्त मान ली और उसे डेढ़ लाख रूपये की रकम कुछ ही दिनों में दे डाली.

लेकिन इस प्रेम कहानी में असली खलनायक बबलू था या कोई और? कुछ ही समय बाद प्रतीक को पता चला कि ब्लैकमेलिंग के इस खेल में बबलू के साथ प्रियंका शामिल है. यह पता चलते ही प्रतीक बुरी तरह से टूट गया और जिससे उसने बेतहाशा प्यार किया, जिसकी इज्जत बचाने के लिए इतनी मुसीबतें झेलीं, उसी को दुश्मन देखकर प्रतीक ने मौत को गले लगाने की ठान ली. लेकिन प्रतीक ने सोचा कि उसके साथ हुए धोखे को वह दुनिया के सामने लाकर जान देगा.

प्रतीक ने खुदकुशी का लाइव वीडियो बनाया और सारी कहानी बयान की. पूरी कहानी कहते हुए प्रतीक रोता रहा. बबलू और प्रियंका को खुदकुशी के लिए ज़िम्मेदार बताया.

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