इन 5 स्कीमों में लगाएं अपना पैसा, घर बैठे-बैठे जल्द हो जाएंगे मालामाल

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नई दिल्ली: हर साल नई फाइनेंशियल प्लानिंग जरूरी है. लेकिन, उससे ज्यादा जरूरी है कि पहले से ही इसकी तैयारी की जाए. सुरक्षित निवेश के लिए ये जानना जरूरी है कि कौन सी स्कीम या फंड्स ऐसे हैं जहां निवेश किया जा सकता है. निवेश से लिए सिर्फ पैसा होना जरूरी नहीं, बल्कि बेहतर विकल्प की समझ जरूरी है. ऐसे में आपके लिए यह जरूरी है कि अपनी कमाई ऐसी जगह निवेश करें, जहां दूसरे विकल्प की तुलना में आपको ज्यादा इनकम हो और आपके पैसे भी सुरक्षित भी रहें. साथ ही निवेश विकल्प का चयन करते समय उसपर लगने वाले टैक्स का भी ध्यान रखें. हम आज आपको ऐसी ही कुछ विकल्प बताएंगे, जहां आपका पैसा दूसरी स्कीमों से ज्यादा सुरक्षित रहेगा. साथ ही, उस पर बेहतर रिटर्न भी मिलेगा.

किन 5 जगहों पर लगाएं पैसे…

सुकन्या समृद्धि योजना
सुकन्या समृद्धि योजना एक सरकारी योजना है. इसमें निवेश किया गया पैसा बिल्कुल सुरक्षित है. 10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम पर बैंक या पोस्ट ऑफिस में इसका खाता खुलवाया जा सकता है. योजना में निवेश अवधि 14 साल तक है. बेटी के 21 साल होने पर मेच्योर हो जाएगा. अकाउंट में निवेश किए गए पैसों पर इनकम टैक्‍स की धारा 80C के तहत छूट भी मिलेगी. योजना में 8.1 फीसदी ब्‍याज मिलता है. ब्‍याज की गणना कंपाउंड आधार पर की होती है, जिससे रिटर्न थोड़ा ज्‍यादा मिलता है. हर साल मिनिमम 1000 रुपए और अधिकतम 1.5 लाख रुपए निवेश किया जा सकता है.

पीपीएफ
साल 2018 में पीपीएफ अकाउंट में पैसे डालना बेहतर ऑप्शन है. पीपीएफ का सबसे बड़ा फायदा है कि‍ इसमें जमा की गई रकम पर मिलने वाला ब्याज टैक्स फ्री होता है. इतना ही नहीं ब्‍याज और मैच्‍योरि‍टी पर मि‍लने वाली रकम टैक्‍स फ्री होती है. पीपीएफ पर फिलहाल सालाना 7.6 फीसदी रिटर्न मिलता है. हर तीन माह पर पीपीएफ की ब्‍याज दर की समीक्षा होती है. अकाउंट में न्‍यूनतम निवेश 500 रुपए सालाना और अधि‍कतम 150000 रुपए सालाना है.

लिक्विड फंड
नए साल में निवेश के लिए लिक्विड फंड बेहतर ऑप्शन है. इस फंड में सेविंग्स अकाउंट पर मिलने वाले ब्याज के मुकाबले ज्यादा रिटर्न मिलता है. साथ ही, इससे पैसा आसानी से निकाला जा सकता है. पिछले एक साल में ज्यादातर लिक्विड फंड योजनाओं ने 9 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है, जो एफडी पर मिल रहे मौजूदा रिटर्न से भी ज्यादा है. लिक्विड फंड एक तरह के म्युचुअल फंड हैं, जिनमें जोखिम कम होता है. इनकी कोई लॉक-इन अवधि नहीं होती. मतलब आप निवेश करने के दूसरे दिन भी पैसे निकाल सकते हैं. जब चाहें एक्स्‍ट्रा पैसे जमा कराएं या निकालें. यह योजना बैंक या पोस्ट ऑफिस की आरडी की तरह काम करेगी.

पोस्ट ऑफिस
बैंक तो डिपॉजिट रेट घटाने में लगे हुए हैं, लेकिन फिलहाल डाकघर की बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कमी नहीं की गई है. इनवेस्टर्स को बैंक डिपॉजिट पर अभी मैक्सिमम 6 से 7 फीसदी के बीच ब्याज मिल रहा है. जबकि, डाकघर की जमा योजनाओं पर 7.9 फीसदी ब्याज मिल रहा है. इस लिहाज से आपकी रकम इस स्कीम में 9 साल में दोगुनी हो जाएगी.

सरकारी ब्रॉन्ड्स
सरकारी बॉन्ड्स में पैसा लगाना आपके लिए बैंक से बेहतर विकल्प हो सकता है. जहां बैंकों में अधिकतम 7 फीसदी तक ब्याज मिल रहा है, वहीं, सरकारी बॉन्ड्स पर अभी 7.8 फीसदी ब्याज दर है. इस लिहाज से आपकी रकम भी बैंक की तुलना में यां जल्दी डबल हो जाएगी.

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