अलवर मॉब लिंचिंग: रकबर को पीटने वाले कथित गौरक्षक एक सुर में बोले- ‘विधायक जी हमारे साथ हैं’

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नई दिल्ली : अलवर में मॉब लिंचिंग के प्रत्यक्षदर्शी असलम ने पुलिस में बयान दिया है कि मॉब लिंचिंग के आरोपियों ने कहा था कि हमारा कोई कुछ नहीं कर सकता. स्थानीय विधायक हमारे साथ हैं. उन्होंने मॉब लिंचिंग के शिकार रकबर पर ही मामला दर्ज कराने के लिए पुलिस पर भी दबाव बनाया. इस तथ्य का खुलासा टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में हुआ है.

पांच हमलावरों का लिया नाम
जहां यह घटना हुई वहां के स्थानीय विधायक ज्ञानेंद्र अहूजा हैं. ये बीजेपी के टिकट पर जीते हैं. शुरुआत में इन्होंने गौ रक्षकों के पक्ष में कई बयान भी जारी किए. उन्होंने कहा था कि पुलिस की मारपीट के चलते ही रकबर की मौत हुई. रविवार को पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शी असलम का बयान दर्ज किया. असलम ने अपने बयान में पांच हमलावरों के नाम भी लिए हैं. इनमें से तीन को पुलिस ने अब तक गिरफ्तार भी कर लिया है.

पांच लोगों ने की रकबर की पिटाई
असलम, मृतक रकबर के साथ गाय खरीदने के लिए अलवर आया था. अपने बयान में असल ने कहा कि वापस आते समय उसने देखा की कई सारे लोग उनका पीछा कर रहे हैं. असलम और रकबर दो गाय और उनके बछड़ों को ले कर लावंडी गांव से गुजर रहे थे तभी एक मोटरसाइकिल सवार ने उनका रास्ता रोका. इस घटना से गाय डर गईं और पास ही कपास के खेतों में घुस गई. खेतों में सात लोग पहले से मौजूद थे. इनमें से पांच लोगा आपस में एक दूसरे को नाम से बुला रहे थे. अपने बयान में असलम में इन लोगों का नाम धर्मेंद्र यादव, परमजीत सिंह, नरेश, विजय और सुरेश बताया है.असलम ने पुलिस को बताया कि ये पांच लोग रकबर के पास गए और उसे डेंडे से पीटने लगे. वहीं दो लोग वहीं खड़े हो कर देख रहे थे. रकबर खेतों में गिर गया और वो लोग उसे पीटते रहे. वो लोग कह रहे थे कि स्थानीय विधायक हमारे साथ है और कोई हमारा कुछ नहीं कर सकता. उसने कहा कि उसने किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई.असलम की ओर से दिए गए बयान के बाद ये नए तथ्य सामने आए हैं. अब तक स्थानीय विधायक का आरोप था कि गौ रक्षकों की पिटाई से रकबर की मौत नहीं हुई. पुलिस कस्टडी में पिटाई से उसकी मौत हुई है.

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मेवाती समाज ने भी उठाए सवाल
ऑल इंडिया मेवाती समाज के प्रमुख रमजान चौधरी ने कहा कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि गौ रक्षकों को स्थानीय विधायक का संरक्षण था. उन्होंने अपने बयान में भी कहा था कि गौरक्षक मेरे आदमी हैं, उन्होंने रकबर को मामूली तौर पर पीटा था और उसके बाद पुलिस को सौंप दिया था.

विधायक ने कहा हो रही है साजिश
वहीं असलम के बयान के बाद स्थानीय विधायक ने उनके खिलाफ साजिश किए जाने की बात कही है. उन्होंने कहा कि अलवर में पिछले दिनों में सेंथेटिक दूध व स्टोन क्रसर के अवैध धंधों में तेजी से वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा कि मैं भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की लगातार कोशिश कर रहा हूं. इसी लिए मेरे खिलाफ ये साजिश रची जा रही है.

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