अमरीका: 17 लोगों को गोली मारने के बाद शूटर ने क्या-क्या किया

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15 फ़रवरी 2018: निकोलस क्रूज़ को ब्रोवार्ड काउंटी कोर्ट में पेश किया गया
‘उसने 17 लोगों की जान ली. कई अन्य लोगों को अपनी बंदूक से घायल किया और फिर कुछ खाने के लिए मैकडॉनल्ड चला गया.’

ये फ़्लोरिडा पुलिस के उस बयान का एक हिस्सा है जो उन्होंने पार्कलैंड इलाक़े के स्टोनमैन डगलस हाई स्कूल में गोलीबारी करने वाले निकोलस क्रूज़ को लेकर जारी किया है.

पुलिस के बयान में ये दावा किया गया है कि ये एक सुनियोजित अपराध था. निकोलस क्रूज़ ने बेहद जघन्य तरीके से इसे अंजाम दिया.
साथ ही कहा जा रहा है कि अमरीका के इतिहास में किसी भी शैक्षणिक संस्थान में हुई ये अब तक की सबसे भयावह घटनाओं में से एक है.

गोलियों से भरा हुआ था बैग

पुलिस ने कहा है कि निकोलस ने स्कूल तक पहुंचने के लिए एक उबर कैब बुक की थी, जिसके ड्राइवर को कतई अंदाज़ा नहीं था कि आगे क्या होने वाला है.

निकोलस ने एक काला बैग टांग रखा था, जो गोलियों से भरा हुआ था. स्कूल पहुंचकर उसने एआर-15 राइफ़ल अपने हाथ में ले ली. उसने कई क्लासों में जाकर गोलीबारी की और जब स्कूल में भगदड़ मच गई, तो वो बैग और राइफ़ल को गलियारे में छोड़कर भाग निकला.

निकोलस का प्लान था कि वो गोलीबारी करने के बाद स्कूल बिल्डिंग से टेनिस कोर्ट की तरफ़ भागेगा. उन सभी छात्रों में शामिल होकर, जो फ़ायरिंग और स्कूल में बज रहे फ़ायर अलार्म के बीच स्कूल से बाहर की तरफ़ दौड़ रहे थे.

हत्याओं के बाद हैमबर्गर

निकोलस स्कूल की बिल्डिंग से पश्चिम दिशा की ओर भाग निकलने में सफल भी रहा. ब्रोवार्ड काउंटी की पुलिस का कहना है कि भीड़ में उसे पहचान पाना मुश्किल था.
ब्रोवार्ड काउंटी के शैरिफ़ स्कॉट इसराइल और फ़्लोरिडा के गवर्नर रिक स्कॉट
लेकिन सबसे ज़्यादा हैरान करने वाली बात ये कि लोगों की हत्या करने के तुरंत बाद निकोलस एक सुपर बाज़ार में गया. वहां से उसने एक ड्रिंक ख़रीदा और उसे पीता हुआ वो मैकडॉनल्ड में दाख़िल हुआ.

मैकडॉनल्ड में उसने एक हैमबर्गर ऑर्डर किया. रेस्त्रां में वो कुछ देर बैठा भी और फिर वहां से पैदल निकल गया.
एक टीचर समेत सोलह छात्रों की मौत पर आयोजित हुई एक शांति सभा में हज़ारों लोग पहुंचे
निकोलस क्रूज़ अपना हैमबर्गर अधूरा छोड़ आया था. पुलिस का दावा है कि मैकडॉनल्ड से कुछ दूर निकलने के बाद जब निकोलस को गिरफ़्तार किया गया तो उसने बिल्कुल भी प्रतिरोध नहीं किया.

एफ़बीआई ने भी किया था अलर्ट

निकोलस को इंस्ट्राग्राम पर बंदूकों और ख़ंजर के साथ अपनी तस्वीरें लगाना पसंद था. पुलिस ने उनके दोनों अकाउंट डिलीट कर दिए हैं.

एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एफ़बीआई और स्कूल के टीचरों ने भी निकोलस क्रूज़ को लेकर अलर्ट किया था और कहा था कि उनकी गतिविधियां संदिग्ध हैं.स्कूल में निकोलस के सहपाठी रहे जोशुआ चारो ने बताया है कि क्रूज़ के बैग में एक बार कई सारी गोलियां मिली थीं. इसी वजह से उसे स्कूल से निकाला गया था.

पुलिस ने और भी चीज़ों की पुष्टि की

निकोलस का साथ किसी परिजन या उनके दोस्त ने नहीं दिया. ये उनका ख़ुद का प्लान था.
हमले में इस्तेमाल हुई एआर-15 राइफ़ल को निकोलस क्रूज़ ने एक साल पहले क़ानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ख़रीदा था.
निकोलस को जिस अमरीकी जोड़े ने गोद लिया था वो अब इस दुनिया में नहीं है. निकोलस एक दूसरे परिवार के साथ रहता था.
इस मामले की और बारीक़ी से जाँच हो रही है. हो सकता है कुछ और चीज़ें निकलकर सामने आएं.
पुलिस ख़ासतौर पर इस बात की जाँच कर रही है निकोलस गोलीबारी के लिए चुनिंदा क्लासों में ही क्यों गए.
पुलिस को ये भी सूचना मिली है कि निकोलस एक ऐसे समूह के साथ सक्रिय थे जो गोरे लोगों को श्रेष्ठ समझते हैं. पुलिस इस बात की भी जाँच कर रही है.

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